विधानसभा चुनाव: तीन अक्तूबर को शाम 6 बजे बंद होगा प्रचार
चुनावी सामग्री को किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में चुनाव के परिणाम को प्रभावित करने के लिए अभिप्रेत या परिकलित किसी भी मामले के रूप में परिभाषित किया गया है, जो मतदान के समापन के लिए निर्धारित समय के साथ समाप्त होने वाली 48 घंटे की अवधि के दौरान होता है। हालांकि इस समय में प्रिंट मीडिया में जिला या राज्य स्तर की जैसा कि मामला हो, एमसीएमसी कमेटी से पूर्व प्रमाणित विज्ञापन छापे जा सकते है।
Gurugram News Network – हरियाणा में 15वी विधानसभा आम चुनाव-2024 के लिए उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों द्वारा प्रचार-प्रसार करने पर 3 अक्तूबर को सायं 6 बजे से प्रतिबंध रहेगा। 6 बजे के बाद से राजनीतिक दल या उम्मीदवार किसी भी प्रकार की बैठक या जनसभाएं नहीं कर सकेंगे। इसके साथ ही, आयोग के निर्देशानुसार चुनाव एजेंट को छोड़ कर, पार्टी से जुड़ें अन्य कार्यकर्ता या नेता और प्रचारक जो संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, वे उस निर्वाचन क्षेत्र में नहीं रह सकते हैं। गुरुग्राम जिला के सभी चार विधानसभा क्षेत्रों नामत: पटौदी, बादशाहपुर, गुड़गांव व सोहना के लिए 5 अक्टूबर को प्रातः 7 बजे से सायं 6 बजे तक मतदान होगा।
जिला निर्वाचनअधिकारी एवं डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत मतदान की समाप्ति के लिए नियत किए गए समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटों की समयावधि के दौरान किसी भी तरह का प्रचार-प्रसार बंद हो जाता है। उन्होंने बताया कि इस समयावधि में कोई भी उम्मीदवार न तो किसी तरह की जनसभा आयोजित कर सकता है और न ही उसमें शामिल हो सकता है।
चुनावी सामग्री को सिनेमाटोग्राफी, टेलीविजन या अन्य उपकरणों के माध्यम से प्रदर्शित नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा, किसी मतदान क्षेत्र में इस प्रतिबंधित अवधि के दौरान आमजन को आकर्षित करने की दृष्टि से म्यूजिक कॉन्सर्ट या थियेटर प्रोग्राम या अन्य मनोरंजक कार्यक्रम के माध्यम से किसी प्रकार का चुनावी प्रचार भी नहीं किया जा सकता। इस समयावधि के दौरान लाउडस्पीकर के प्रयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा।
उन्होंने बताया कि मतदान के दिन पोलिंग बूथ के 200 मीटर की परिधि में कोई भी उम्मीदवार या राजनीतिक पार्टी अपना प्रचार नहीं कर सकती है। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा धारा 126 उपधारा (1) की उल्लंघना की जाती है तो उस व्यक्ति को 2 साल तक की सजा या जुर्माना लगाया जा सकता है या दोनों ही हो सकती है।
आयोग के निर्देशानुसार सभी मंत्रियों, सांसद और राज्य विधानसभा के सदस्यों के अलावा अन्य राजनीतिक कार्यकर्ता, जिनको सुरक्षा प्रदान की गई है, उन सभी को मतदान की समाप्ति के लिए नियमित किए गए समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटों की समयावधि से पहले निर्वाचन क्षेत्र को जल्द से जल्द छोड़ देना होगा। इसी प्रकार, उम्मीदवार और उसके चुनाव एजेंट को छोड़ कर, पार्टी से जुड़ें अन्य कार्यकर्ता या नेता और प्रचारक जो निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, वह उस निर्वाचन क्षेत्र में नहीं रह सकते हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जनप्रतिनिधि अधिनियम, 1951 की धारा 126 (1) (बी) के तहत किसी भी मतदान क्षेत्र में मतदान के समापन के लिए निर्धारित समय के साथ समाप्त होने वाली 48 घंटे (मौन अवधि) की अवधि के दौरान टेलीविजन या इसी तरह के उपकरणों के माध्यम से किसी भी चुनाव संबंधी सामग्री को प्रदर्शित करने पर रोक रहेगी।
चुनावी सामग्री को किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में चुनाव के परिणाम को प्रभावित करने के लिए अभिप्रेत या परिकलित किसी भी मामले के रूप में परिभाषित किया गया है, जो मतदान के समापन के लिए निर्धारित समय के साथ समाप्त होने वाली 48 घंटे की अवधि के दौरान होता है। हालांकि इस समय में प्रिंट मीडिया में जिला या राज्य स्तर की जैसा कि मामला हो, एमसीएमसी कमेटी से पूर्व प्रमाणित विज्ञापन छापे जा सकते है।
नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना और कैद का प्रावधान उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 126 ए, के तहत मतदान शुरू होने के लिए निर्धारित समय से लेकर मतदान समाप्त होने के लिए निर्धारित समय के आधे घंटे बाद तक की अवधि के दौरान प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से एग्जिट पोल आयोजित करने और उनके परिणामों के प्रसार पर रोक रहेगी। इन नियमों का उल्लंघन करने पर दो साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। सभी मीडिया संस्थानों को सलाह दी जाती है कि वे इस संबंध में निर्देशों का पालन करें